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Tuesday, 20 October 2020

Wednesday, 20 June 2018

बटर-जीरा-स्क्वैश-टोस्ट


3-4 साल पहले गर्मियों के लिए कोई अच्छा शर्बत लेने गया था, दुकानदार ने हितकारी के स्वदेशी के कई फ़्लैवर सामने रख दिए। मैंने उसमें से एक जीरा-ट्रीट ले लिया। काफ़ी पसंद आया। उसे मैंने शर्बत की तरह तो पिया ही, पकौड़ों के साथ सॉस की तरह खाया, चटनी की तरह इस्तेमाल किया, कई बार बिना किसी चीज़ के साथ और बिना वजह भी खाया।

आज एक और काम किया। ब्राउन ब्रैड के एक स्लाइस पर हल्का-हल्का जीरा-ट्रीट लगा दिया। दूसरे स्लाइस पर हल्का फ़ैटलैस बटर लगा दिया। दोनों स्लाइस के जीरा-ट्रीट और बटर वाले हिस्से आपस में मिलाकर हल्का-हल्का घी लगाकर तवे पर सेंक लिया।

चाय के साथ अच्छा-ख़ासा नाश्ता तैयार हो गया। 

इसके साथ चाहें तो, यह गाना भी सुन सकते हैं-




-संजय ग्रोवर
21-06-2018




Sunday, 19 November 2017

बैचलर्स मकरैंडू

मक्के की रोटी 3-4 साल पहले बनानी शुरु की थी। लगभग  दो साल सर्दियों में यही नाश्ता किया। लंच की ज़रुरत ही नहीं पड़ती थी।  एक वक़्त का खाना यानि पैसे भी बचते थे। बचपन से ही हमें, सरसों के साग के साथ खाने के बजाय सुबह के नाश्ते में मलाई या मक्खन के साथ मक्के की रोटी ज़्यादा भाती थी।




इस बार फिर बनाना शुरु किया तो हर बार तवे से चिपक गई, जल गई। मज़ा नहीं आ रहा था। कल रात एक तरीक़ा सूझा, बस माहौल बन गया। आईए, पकाते हैं। आपको नहीं, आपको तो कोई भी पका लेगा।

अगर आपको दो ऐवरेज साइज़ रोटी बनानी हैं तो कटोरी में तीन अंडे फोड़ लें। स्वादानुसार नमक डाल लें। चाहें तो छोटे-छोटे पीस करके धनिया-प्याज़-टमाटर आदि भी इच्छानुसार डाल सकते हैं। मेरे पास थे ही नहीं तो डालता भी कैसे ? चाट मसाला भी डाल सकते हैं। परंपरा तोड़े बिना न तो दुनिया बेहतर होती है न स्वाद।


अंडे-धनिया-प्याज़-टमाटर आदि अच्छी तरह फेंट लें। फिर इसीसे आटा मल लें। ज़रुरी नहीं है कि हाथ से ही मलें। मेरा काम तो चम्मच से ही हो गया था। तवे पर इतना घी डालें कि अंडा जल्दी न जल जाए, मक्की अपेक्षाकृत पकने में थोड़ा ज़्यादा वक़्त लेती है। अंडा मिक्स है इसलिए बहुत ज़्यादा वक़्त भी नहीं लेगी।

आम-तौर पर मक्का पकने में काफ़ी वक्त लगता है। पर यह इतनी जल्दी, स्वादिष्ट और कुरमुरी बन गई कि मैंने इसे ‘बैचलर्स मकरैंडू’ नाम दे दिया। बैचलर या अकेले लड़के-लडकियां इसे आराम से बना सकते हैं और मज़े से खा सकते हैं। चाय के साथ, अचार के साथ, चटनी के साथ, सॉस के साथ, जैसे मर्ज़ी हो वैसे खाएं।

-संजय ग्रोवर
19-11-2017